शनिवार, 27 जून 2020

कॉलेज की यादे ( कविता)

वो कॉलेज के दिन....

वो कॉलेज के दिन,
कुछ बातें भूली हुई,
कुछ पल बीते हुए,
हर गलती का एक नया बहाना,
और फिर सबकी नज़र में आना,
थोड़े थोड़े पैसे जमा कर
दोस्तो का बर्थडे मनाना,
बातो ही बातो में ...
एक दूसरे का मजाक उड़ाना,
फिर जोर जोर से ठहाके लगाना,
वो सुहानी राते... 
रातो में भी दोस्तो से बाते,
न दुनिया दारी थी
न कोई टेंसन की वजय,
अपनी सारी दुनिया थी 
दुनिया मे अपने थे,
आज सिर्फ यादे है 
यादों में सिर्फ दुनिया है।
@tri....

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