सच्चा प्यार.....
मस्ती मस्ती में सोहन ने दादाजी से पूछ लिया, "दादाजी सच्चा प्यार क्या होता है" यह सभी को नसीब क्यो नही होता?
दादाजी हँसते हुए बोले" हा ये सवाल तो बहुत अच्छा तुमने पूछा और इसका जवाब जानने के लिए मेरा कुछ काम तुम्हे करना पड़ेगा।"
करोगे न?
सोहन ने कहा" हा क्यो नही बताईये क्या करना है।"
दादाजी ने कहाँ “बेटा, सामने आम के बगीचे से एक मीठा आम तोड़ के लाओ।"
सोहन ने मन मे सोचा "मामूली सा काम है अभी हो जाएगा।"
सोहन आम के बगीचे में चला गया।
एक पेड़ पे चढ़ा आम देखा सोचा तोड़ लेता हूं , तभी मन में ख्याल आया कि दूसरे पेड़ पे और अच्छा आम होगा।
वह दूसरे पेड़ पे चढ़ा आम देखा नही पसंद आया मन मे आया क्यो न तीसरे पेड़ पे भी देख लेता सायद इससे अच्छा आम वहाँ हो ।
तीसरे से चौथे, चौथे से पांचवे पेड़ पे देखने के बाद भी उसके मन मे यही विचार आया कि आगे वाले पेड़ पे इससे मीठा आम होगा ।
अंत मे पूरा बगीचे के आम के पेड़ का भ्रमढ़ करने के बाद लगा कि पहले पेड़ का आम सबसे मीठा था । जब तक पहले पेड़ पे पहुचता क्या देखता है किसी ने पहले से ही उस आम को तोड़ लिया है।
अतः वह खाली हाथ ही अपने दादाजी के पास वापस आ गया। पूछने पर उसने सारा वृतांत सुना दिया.
दादाजी हँसने लगे सोहन को समझाते हुए बोले, “बेटा, जो सामने होता है उसकी कदर नहीं होती और जब हम वापस आते है तो वह भी नहीं मिलता है , इसलिए सच्चा प्यार बहुत लोगो को नसीब नहीं होता है ।
दोस्तो ,अगर आपका प्यार सच्चा है तो वो वक़्त के साथ गहरा होता चला जाता है। प्यार का रिश्ता पहले से और भी मजबूत हो जाता है। सच्चा प्यार जिंदगी जीने का नजरिया बदल देता है।
हमारे मां-बाप कितने भी बुरे हो लेकिन हमारे लिए सबसे बेस्ट होते हैं। बिना स्वार्थ के हमारी जरूरतों को पूरा करते है।कभी भी हम उनकी जगह पर किसी और को रखकर सोच भी नहीं सकते। हम उनके जितना प्यार कभी किसी से कर ही नहीं सकते। वह हमसे प्यार करते हैं क्योंकि उन्होंने जिंदगी भर हमें सिर्फ प्यार ही दिया है।
एक लाइन में मैँ कहना चाहुंगा "सच्चा प्यार वही है जिसमें हमारी जरूरत हमारा स्वार्थ ना छुपा हो।"
@tri....

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