शनिवार, 27 जून 2020

रेड, ग्रीन और ऑरेंज जोन (कविता)


रेड ,ग्रीन और ऑरेंज जोन

देश तीन जोन में बट गया है
कहने को तो रेड, ग्रीन और ऑरेंज जोन में
पर सच कहें तो अमीर और गरीब जोन में बट गया है
अमीर वह जो फिक्रमंद है फिर भी डर रहा 
गरीब वह जो जरूरतमंद है रास्ते पे चल रहा 
वक़्त वक़्त की बात है एक सवाल मन मे उठ रहा।
अमीर महलो में शान से है फिर भी वह क्यो डर रहा।
गरीब बिंदास बिना डरे सड़को पे कैसे निकल रहा।
इन सवालों के जवाब कई किताबो में खंगाले है
पर जवाब तो इन्ही तीन रेड, ग्रीन और येल्लो रंगों में है
जिन रंगों के भेद से कई रंग बना डाले है
सच कहु तो बचपन की किताबो में बहुत कुछ पढ़ा था
हम सब एक ,एकता में बल ऐसा कुछ सुना था
पर आज किताबो की बाते अधूरी सी लगती है
ज़िन्दगी हकीकत कड़वी और सच्ची सी लगती है।

@tri....

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