शनिवार, 1 मई 2021

दहेज लेना और देना एक गंभीर बीमारी है।

 

लड़की की शादी करो पर लड़की को बेंचो मत
ज्यादा दहेज देकर उसको कही फेको मत
लडकिया कचरा नही है dusbin में डालो मत।
लडकिया है लड़का नही ये समझ कर
अपना गुस्सा इन पर निकालो मत।
न सोचो लड़का बुढ़ापे का सहारा बनेगा
क्या पता बढ़ा हुआ तो सबसे किनारा करेगा।
लड़किया बोझ नही हमारी जिम्मेदारी है।
सहती सब कुछ बोलती नही
यह उनकी खुद्दारी है।
वक़्त के साथ चलो हर लड़की का सम्मान करो
लक्ष्मी है घर की इन पर अभिमान करो।
दहेज लेना और देना एक गंभीर बीमारी है
दहेज लेने वाला समाज का सबसे बड़ा भिखारी है।
दहेज वही लेगा जिसमे सामर्थ नही होगा
सीधी सी बात है वह मर्द नही होगा।
✍️त्रिभुवन शर्मा..

बुधवार, 28 अप्रैल 2021

मुम्बई तू बहुत खास है।

 

उदास न होना मुम्बई तू बहुत खास है
मुश्किले है तो क्या हुआ,
यही तो जीत की सुरुवात है।
देश की आर्थिक राजधानी तू
छत्रपति शिवाजी महाराज का ताज है।
मुम्बा आई कि मायानगरी मुम्बई
हज़ारो लाखो सपनो की आस है।
तेरे सर जमी पर बाबुल नाथ है
जहाँ भोले बाबा का वास है।
मुम्बई के महाराजा सिद्धिविनायक है
जिनका तुझ पर आशीर्वाद है।
धन दौलत और रौनक कभी कम न होगा
जहाँ महालक्ष्मी खुद ही बिराजमान है।
तेरी रखवाली में है खड़ा समुन्द्र
उसी समुन्दर में हाज़िअली का दरबार है।
वन जीयो से सजी यह धरती
पहाड़ो वाली माँ जीवदानी का धाम है।
तो क्यो मायूश होती है मुम्बई
जब तेरे सर पर इतनी दुवाओ का हाथ है।
समय कैसा भी हो अच्छा या बुरा
मुम्बईकर हमेशा तेरे साथ है।
उदास न होना मुम्बई तू बहुत खास है
✍️त्रिभुवन शर्मा..

सोमवार, 26 अप्रैल 2021

सही मौका है आजमालो अपनो को..

 

सही मौका है परख लो अपने खास रिश्तेदारों को,
अपने बॉस को अपने दोस्तों और यारो को।
ये लोग कहते थे हम एक परिवार है
दुख हो या सुख हम हमेशा तैयार है।
सही वक़्त है मदद मांग कर देख लो
अपना कौन पराया कौन पहचान कर देख लो।
अपना होगा तो आपके कॉल का रिस्पांस देगा,
पराया होगा तो आपके कॉल को इग्नोर करेगा।
अपना होगा तो साथ देने का वादा करेगा ,
पराया होगा तो हर रोज बस बहाना करेगा।
जो मदद करना चाहेगा वो फिक्र में कॉल करेगा ,
जो मदद नही करना चाहेगा वो सीधा ब्लॉक करेगा।
वक़्त यही है प्यारे लोगो को आजमाने का,
कौन तेरे साथ है इसका पता लगाने का।
✍️त्रिभुवन शर्मा..

शनिवार, 24 अप्रैल 2021

अब कुछ नज़र नही आता..

 

फितरत है झूठी प्रशासन की
कोई सूरत अब नज़र नही आती।
सच्चाई से रूबरू हो रही जनता
अब कोई मूरत नज़र नही आती।
तांडव है मौत का जल रही है चिताए शमशान में
बचने की कोई सीरत नज़र नही आती।
मातम का माहौल और डर है कोने कोने में
अब तो निकलने की कोई तरकीब
नज़र नही आती।
इंसान कैद है घरों में लग गए मंदिर में ताले
हालात इतनी बुरी की भगवान नज़र नही आते।
हाल बुरा है सबका अये हाले दिल-अये हाले वतन
अब तो भाग्य की लकीर भी नज़र नही आती।
भेड़ियों की खाल पहने कहा छुप गए वो भेड़
अब तो वो भाड़े की भीड़ भी नज़र नही आती।
कहाँ गए वो लोग जो दे रहे थे भीख ज़िन्दगी की
करते थे बाते विकास और सुरक्षा की,
कहाँ गए वो देवता जो दे रहे थे
सीख आत्मनिर्भरता की,
अब तो हालात ऐसी है कि
रक्षा की बात करने वाले रक्षक भी नज़र नही आते।
सब खेल है राजनीति का हमने यह बात जाना
शायद Population control करना होगा
यही हकीकत माना।
विनती है जनता से खुद की सुरक्षा खुद करे
मास्क पहने ठीक से और सेनेटाइजर use करे।
अब न संभले यारो तो कभी संभल न पाओगे
प्रशासन के भरोसे बैठे तो शमशान में
नज़र आओगे।

मंगलवार, 20 अप्रैल 2021

कोरोना का कहर।

 

जब कोरोना थोड़ा बड़ा
तो देश मे lockdown लगा।
थाली बजा,मोमबत्ती जला
रामायण और महाभारत का
एपिसोड भी चला।
जब कोरोना थोड़ा कम हुआ
तो देश मे unlockdown लगा।
बाजार खुला,हर मॉल खुला
धीरे धीरे संसार खुला।
बेफिक्र बेपरवाह हम सब हुए
आत्मनिर्भर के रंग में देश फिर रंगा।
जब कोरोना धीरे धीरे तेजी से बड़ा
तब देश मे फिर lockdown लगा।
अफरातफरी में मजदूर घर लौट पड़ा
नेताजी के भाषण का फिर दौर चला
परिस्थितिया काबू में है कोरोना कंट्रोल में
यह कहा गया और आईपीएल मैच चला।
स्कूल बंद हुए कॉलेज बंद हुए
रद्द हुआ परीक्षाओ का सफर
ताले लग गए दुकानों में
बंद हो गए मंदिर,मस्जिद, गिरजाघर
बोलने वाले बोलते रहे
पर कम न हुआ कोरोना का कहर
खोखली हो गयी रक्षा कवच
न दिखा वैक्सीन का असर
कोरोना मुह बाये पसरता रहा।
इंसान अस्पताल में बेड के लिए तरसता रहा।
मरीज ऑक्सीजन के बिना मरता रहा।
हज़ारो की तादाद में चिताए जलती रही
पर देश मे चुनाव और कुंभ चलता रहा।
✍️त्रिभुवन शर्मा..

रविवार, 28 मार्च 2021

कोरोना संग होली ।

 

होली है रंगों का त्योहार
हर कोई करता है इसका इंतजार
रंगों से सजने को हम है तैयार
मृदंग के स्वर में झूमने को है बेकरार
पर इस बार की होली होगी बेरंग
न उड़ेगा गुलाल न ही कोई रंग
न सजेगी टोली न रचेगी रंगोली
कोरोना के साये में मनेगी होली
बेफिक्र बिंदास इस बार न होना
नही तो पड़ जाएगा तुमको रोना
खेलो होली अपनो के संग
कही कोरोना कर न दे रंग में भंग
इसने किया है पूरी दुनिया को तंग
अभी भी जारी है इससे जंग
रहे सतर्क रखे ध्यान
तब ही होगा सबका कल्यान
पहने मास्क ,रखे दूरी
न बनने दे कोरोना को मजबूरी
होली है तो खेलो होली
सजा के रखो शब्दो की टोली
जम के मारो संदेशो की पिचकारी
रंग दो दुनिया सकारत्मकता से सारी।
✍️tri..

मंगलवार, 23 फ़रवरी 2021

क्या यही प्यार है

 

सुबह उठते ही
मेरी आँखें ढूढ़ती है तुम्हे
देखने की ज़िद करती है
करीब तो हो ही
और करीब होने की
ज़िद करती है
सूरज की रोशनी
जब मेरे चेहरे पर पड़ती है
मेरी आँखें छूती है
तुम्हे पाने की ज़िद करती है
जब चाय की चुस्की लेता हूं
चाय के कप से बाहर निकलती
अंगड़ाई लेती हुई
भाप में मुस्कुराती
मेरी आँखें तुम्हारी तस्वीर बुनती है
तुम्हे देखने की ज़िद करती है।
✍️tri..

रविवार, 14 फ़रवरी 2021

प्यार सच्चा हो तो..

 

ख़्वाईसे रंग लाती है
सपने दिल को सजाती है
प्यार सच्चा हो तो
कायनात भी दिल को दिल से
मिलाती है।
हवाएं अफ़साने लिखती है
बारिश की बूंदे उसे मिटाती है
प्यार सच्चा हो तो
तूफान हो या बाढ़ दिल की कश्ती
किनारे लग ही जाती है।
वक़्त हालात बया करती है
समस्याएं आंखे दिखाती है
प्यार सच्चा हो तो
काटो के बीच भी
दिल की बगिया खिल ही जाती है।
✍️tri..

शनिवार, 6 फ़रवरी 2021

मैं सूरज नही तो ना सही एक नन्हा दीया तो हूँ..

 

मैं सूरज नही तो ना सही
एक नन्हा दीया तो हूँ
मुझमे स्वयं जलने और
कुछ करने की शक्ति तो है,
क्या हुआ अगर मैं पूरे जग को
प्रकाशित नही कर सकता
पर रोशनी फैलाने की चाहत तो है,
कुछ करने की इच्छा
मेरे जीवन का उद्देश्य है
छोटा ही सही कुछ तो मुझमे विशेष है,
मेरा आत्मविश्वास अक्सर
मुझे प्रेरणा देता है,
अच्छा हो या बुरा  हो समय
एक दिन जरूर परिवर्तन होता है,
पाता है वही जग में मंजिल
जो कभी अपना आत्मविश्वास नही खोता है,
फिर चाहे एक नन्हे दीपक का प्रकाश हो
या एक विशाल से सूरज का तेज
यह सवाल तो बस सवाल ही रह जाता है,
सदियों से जग उसी को अपनाता है
जो अपनी राह खुद ही बनाता है।
✍️tri..

रविवार, 31 जनवरी 2021

अपना वक़्त खुद ही बना लो..

 


नशीब पर यकीन करने से अच्छा
मेहनत के आगे सर झुका दो
समस्याएं बहुत है ज़िन्दगी में
खुद को समाधान बना लो
वक़्त तुम्हें वक़्त न दे
तो अपना वक़्त खुद ही बना लो

तेज बारिश रस्ता रोके अगर
दिल को तुम चट्टान बना लो
दुश्मन रोके टोके अगर
हिम्मत को तूफान बना लो
वक़्त तुम्हें वक़्त न दे
तो अपना वक़्त खुद ही बना लो

दुनिया कहे पागल तो पागल ही सही
उन्हें अपने मेहनत का जादू दिखा दो
कही हौसले कम न पड़ जाए
खुद में सूरज सा जोश जगा लो
वक़्त तुम्हें वक़्त न दे
तो अपना वक़्त खुद ही बना लो

प्रकाशमय हो जाए जग सारा
चांद तारो का आसमान बना लो
खुद को बना लो इतना जिद्दी
की जो पाना है उसे तुम पा लो
वक़्त तुम्हें वक़्त न दे
तो अपना वक़्त खुद ही बना लो

दिमाग से ज्यादा दिल की सुनो
ईमानदारी से अपना रास्ता बना लो
कांटो की परवाह किये बिना
मंजिल की ओर कदम बढ़ा लो
वक़्त तुम्हें वक़्त न दे
तो अपना वक़्त खुद ही बना लो
✍️tri.. 

रविवार, 24 जनवरी 2021

प्यार में ये तो होता ही है..

 

तुम जब करीब आती हो
आंखों से मुस्कुराती हो
चुप चुप सी रहती हो
पलको से बोल जाती हो
गुस्सा कितना भी करो
मुझे देखते ही खिलखिलाती हो
मैं कही दूर न चला जाऊं
इस बात से डरती हो
मुझसे बाते न हो
तो खुद को परेशान करती हो
कभी चिढ़ती हो
तो कभी गुस्सा दिखाती हो
पल पल हर पल
मुझे विश्वास दिलाती हो
कितना प्यार करती हो
मुझे अहसास कराती हो
मेरी थोड़ी सी भी दूरी
तुम सह नही पाती हो
कभी sms तो कभी कॉल करके
मेरी खैरियत जताती हो
रात में सोने से लेकर
सुबह के जगने तक
मेरे ख्वाब बुनती हो
और मेरे ही सपने सजाती हो
कुछ भी करो कुछ भी कहो तुम
बिन मेरे तुम रह नही पाती हो।
✍️tri..  

बुधवार, 30 दिसंबर 2020

नया साल..

 

      लड़ते झगड़ते ,गिरते पड़ते        
कभी दुख में कभी सुख में
यादों की तिजोरी सजोये 
संभलते हुए आगे बढ़ गया
लो वक़्त के साथ साथ 
यह साल भी गुजर गया 
कई नींद में ही सो गए 
और जो जागे हुए थे..
वो ज़िन्दगी के भीड़ में खो गए
कई रिश्ते बिखरे कई सपने टूटे
कइयों के अपने भी रूठे
अपने अनजाने हो गए
अनजाने अपने हो गए
फिर भी ज़िन्दगी चलती रही
समय के साथ ढलती रही
               कभी आजमाती रही            
तो कभी बदलती रही
दिन महीने साल युही बीतता गया
उम्र का एक साल और चला गया
पर वक़्त का पहिया कभी नही रुका
फिर उम्मीदों के सपने बुनते हुए
आशाओ का सृंगार करते हुए
वक़्त के साथ साथ चलते हुए
हौसलो की उड़ान भरते हुए
कई चुनौतिया साथ लिए
पुराने साल को खुशी खुशी विदा कर
पूरे हर्ष उल्लाश के साथ
नए साल ने दस्तक दिया।
@tri..

रविवार, 20 दिसंबर 2020

रूठना और मनाना

 

मेरा रूठना और तेरा मुझको मनाना
दिल का टूटना फिर तुझसे ही दिल लगाना
बाते न करना और बाते बनाना
कुछ न बोल कर भी बहुत कुछ बोल जाना
आंखे मटकाना और ओठो से मुस्कुराना
खुद भी हँसना और मुझको भी हँसाना
इशारो इशारो में मुझको मनाना
कितना प्यार है मुझसे, ये अहसास कराना
कान पकड़ के उठक बैठक लगाना
फिर भी न मानु तो मेरे करीब आना
"सॉरी" कह के मेरे गले लग जाना
कितने भी झगड़े करना पर दूर न रह पाना
दो पल का गुस्सा पल भर में मिट जाना
यही तो प्यार है कभी रूठना कभी मनाना
आदत है प्यार की प्यार की आदत बन जाना।
          ✍️tri..