शुक्रवार, 3 जुलाई 2020

थैंक्स डॉक्टर ( Poem)


डॉक्टर्स तुम ईश्वर तो नहीं
पर ईश्वर रूप बन जाते हो।
चिंता की कोई बात नही 
कह के मन को सुकून पहुचाते हो,
जब आशु गिरने लगते है 
तुम सहारा बन जाते हो,
हर इंसान के दर्द की 
तुम दवा बन जाते हो,
जहा उम्मीदे खत्म हो जाये 
तुम उम्मीद बन जाते हो,
खुद की परवाह किये बिना
अपनी इच्छाओं को भूल
परिवारों की चिन्ता से दूर
हर दर्द को सहते हुए
तुम मुस्कुराते हो....
अपने सुकून की बलि देकर
तुम सबकी जान बचाते हो,
हर हाल में कैसे भी हो
तूम अपना कर्तव्य निभाते हो,
डॉक्टर्स तुम ईश्वर तो नहीं
पर ईश्वर दूत कहलाते हो।
@tri....


बुधवार, 1 जुलाई 2020

चेहरे (Quote)


राधे कृष्ण (poem)


राधे कृष्ण


है राधे की राधिका 
चंचल चितवन तेरी होए
पलके कजरारी 
ओठ अंगारे ....
नेनो में तेरे राधे बसा
चेहरे का सुख तू होए
दिल कृष्ण कृष्ण कह रहा
कृष्ण सुख कब होए 
मन खोया कृष्ण लोभ में
भूल के सुध-बुध खोये
राधे कृष्ण मन रम रमा
तू रीत न जाने कोय 
तू प्रीत न जाने कोय
न तू मीरा भई...
न राधे सी कोय...
पर कृष्ण तेरे प्रेम में 
ये तेरी दीवानी होय।
@tri....

मंगलवार, 30 जून 2020

कलम (quote)


सोशल साइड की दुनिया (Poem)


 वाह रे सोशल साइड की माया
दिन रात नशे में लोग खो जाते है,
फॉलोवर्स बढ़ाने के चक्कर में
लोग किस हद तक गुजर जाते है,
फॉलोवर्स न बढ़े तो ....
लोग डिप्रेशन में भी चले जाते है,
लाइक किया तो अपने बन जाते है,
फॉलो किया तो खास कहलाते है,
कुछ न किया तो बकवास हो जाते है,
जिसके ज्यादा फॉलोवर्स हो
वो दूसरों की आश बन जाते है,
वाह रे मोह माया,
सोशल साइड के चक्कर मे
ज़िन्दगी कॉम्प्लिकेटेड कर जाते है,
जिसकी वजय से हम 
अपनो को टाइम नही दे पाते है।
@tri....



ज़िन्दगी (Quote)


सोमवार, 29 जून 2020

दुवाओ का रिश्ता (Poem)

रिश्तों की भीड़ में
एक रिश्ता ऐसा भी होता है,
जो वजय बनता है,
हमारी खुशियों की,
हमारी हर सफलता की,
जिसके होने से...
मुश्किलें आसान हो जाती है
जिसके आने से...
ज़िन्दगी लौट आती है,
वह हर छड़ हमारे साथ होता है
वह हर पल हमारे पास होता है
वह और कोई नही
वह है अपने कर्मो से कमाया
अपनो की दुवाओ का रिश्ता।
@tri....

ख़्वाईसे..(quote)


शनिवार, 27 जून 2020

आईना (quote)


krishna (quote)

में आम आदमी हु चलते हुए (कविता)


सभी उलझनों से निपटते हुए,
अपनी इच्छाओं को भूनते हुए,
धूप,ठंड बारिशों से लड़ते हुए,
चल रहा हु में थोड़ा डरते हुए,
में आम आदमी हु चलते हुए।

फिक्र बहुत है कही गिर न जाऊ,
उलझने बहुत है कही टूट न जाऊ,
भीड़ बहुत है कही खो न जाऊ,
अपने परिवार के लिए ढलते हुए,
में आम आदमी हु चलते हुए।

दुनिया से लड़ते हुए ,
ईमानदारी से काम करते हुए,
खुशियों के ताने बाने बुनते हुए,
छोटे छोटे सपनो के साथ आगे बढ़ते हुए,
में आम आदमी हु चलते हुए।
@tri....

शादी का लडू (कहानी)

शादी का लडू..........


शादी के पांच साल बीत गए थे। राहुल और पूजा दोनों में बहुत प्रेम था, लेकिन पिछले कुछ समय से दोनों के बीच शिकायतें धीरे-धीरे बढ़ रही थीं।

शादी के पाचवी वी सालगिराह पर राहुल ने पूजा के लिए बहुत से तौफे ले आया था। दोनों चाय की चुस्ती लेते लेते पहले की बातो को ताजा करने लगे। बातें करते-करते अचानक पूजा ने कहा कि- "मुझे तुमसे बहुत कुछ कहना होता है, लेकिन हमारे पास समय ही नहीं होता एक-दूसरे के लिए।"

"इसलिए मैं दो डायरियां ले आती हूं और हमारी जो भी शिकायत हो हम पूरा साल अपनी-अपनी डायरी में लिखेंगे। अगले साल इसी दिन हम एक-दूसरे की डायरी पढ़ेंगे ताकि हमें पता चल सके कि हमें एक-दूसरे की कौन-सी बातें नापसंद हैं ताकि उन्हें सुधारा जा सके।"

राहुल भी सहमत हो गया कि विचार तो अच्छा है।

डायरियां आ गईं और देखते ही देखते एक साल बीत गया। शादी की छटवी वीं सालगिरह पर दोनों फिर साथ बैठे। दोनों के पास अपनी-अपनी डायरियां थीं।

पहले राहुल ने पूजा की डायरी पढ़ना शुरू की।
उसमें कई शिकायतें थीं, जैसे- आज होटल में खाना खिलाने का वादा करके भी नहीं ले गए, आज फ़िल्म दिखाने को बोले थे नही ले गए। आज मेरे मायके वाले आए तो उनसे ढंग से बात नहीं की तुम्हारे परिवार के लोगो ने, आज बरसों बाद मेरे लिए साड़ी लाए भी तो पुराने डिजाइन की।

पूजा की शिकायतें सुनकर राहुल की आंखों में आंसू आ गए।

राहुल ने कहा- मुझे पता ही नहीं था मेरी गलतियों का, मैं ध्यान रखूँगा कि आगे से ये गलतियां न हों।

अब पूजा ने राहुल की डायरी खोली।
पहला पन्ना- कोरा,
दूसरा पन्ना- कोरा,
तीसरा पन्ना- कोरा।
पूरी डायरी ही खाली थी।

पूजा ने कहा-" क्या तुमने इस डायरी में कुछ भी नहीं लिखा।"

राहुल ने कहा- "मैंने सब कुछ अंतिम पेज पर लिख दिया है।"

उसमें लिखा था-" मैं तुमने जो मेरे और मेरे परिवार के लिए त्याग किए हैं और इतने सालों में जो असीमित प्रेम दिया है, उसके सामने मैं इस डायरी में लिख सकूं ऐसी कोई कमी मुझे तुममें दिखाई ही नहीं दी। ऐसा नहीं है कि तुममें कोई कमी नहीं है, लेकिन तुम्हारा प्रेम, तुम्हारा समर्पण, तुम्हारा त्याग उन सब कमियों से ऊपर है। मेरी अनगिनत भूलों के बाद भी तुमने जीवन के हर उतार-चढ़ाव में छाया बनकर मेरा साथ निभाया है। अब अपनी ही छाया में कोई दोष कैसे दिखाई दे मुझे। "

अब रोने की बारी पूजा की थी। उसने राहुल के हाथ से अपनी डायरी लेकर दोनों डायरियां आग में जला दी और साथ में सारे गिले-शिकवे भी।

दोस्तो ये कहानी मेरे प्रिय मित्र की है। सबक सभी के लिए है। पति-पत्नी का रिश्ता आपसी समझ पर टिका होता है। उम्र के एक पड़ाव पर ये समझना जरूरी हो जाता है कि पति-पत्नी एक-दूसरे की कमियां ढूंढने की बजाए ये याद करें कि हमारे साथी ने हमारे लिए कितना त्याग किया है तो निश्चित ही पति-पत्नी का रिश्ता और मजबूत हो सकता है।

@tri....

कॉलेज की यादे ( कविता)

वो कॉलेज के दिन....

वो कॉलेज के दिन,
कुछ बातें भूली हुई,
कुछ पल बीते हुए,
हर गलती का एक नया बहाना,
और फिर सबकी नज़र में आना,
थोड़े थोड़े पैसे जमा कर
दोस्तो का बर्थडे मनाना,
बातो ही बातो में ...
एक दूसरे का मजाक उड़ाना,
फिर जोर जोर से ठहाके लगाना,
वो सुहानी राते... 
रातो में भी दोस्तो से बाते,
न दुनिया दारी थी
न कोई टेंसन की वजय,
अपनी सारी दुनिया थी 
दुनिया मे अपने थे,
आज सिर्फ यादे है 
यादों में सिर्फ दुनिया है।
@tri....