बुधवार, 23 सितंबर 2020

कठपुतली


कठपुतली का खेल बहुत पुराना है
नचाता कोई और खुश होता जमाना है
धागों के सहारे नाचती कठपुतली
उंगली पे नचाता अदृश्य कलाकार
उनका अपना न कोई मन है न विचार
न ही कोई जज्बात और न कोई अरमान
बस इशारा मिलते ही खेल दिखाती है
खेल खत्म होते ही बक्से में सिमट जाती है
कठपुतली है साहब जीना सिखाती है
देखने वालों को असली चेहरा दिखाती है
अलग अलग पात्र बन जीवन मे आती है
कभी हँसाती है तो कभी रुलाती है
जीवन का हर एक पात्र कठपुतली है
इस सच्चाई से रूबरू कराती है।
@tri....

सोमवार, 21 सितंबर 2020

दिल से दिल की बात

 

तेरी आहट से में तो वाकिब हु
तू तो नही है, पर मैं तो शामिल हु
जो भी हो रहा है, ये ना मेरा क़सूर है
जो भी हो गया है, ना तेरा क़सूर है
कहता हूं मैं साथ हु ,मैं तेरे पास हु
कुछ भी नही मैं तेरा, सिर्फ़ अहसास हु
आदते मजबूरियां, बन गयी अब दूरियां
जी रहा हु बस, यही तेरी यादों में कही
आरजू मिट सी गयी, जुस्तजू मिट से गये
न कुछ बचा है अब, न कोई अब खास है
खुश रहो तुम सदा,नए सफर की शुरुवात हो
न रहे कोई गम कही, ज़िन्दगी सदा आबाद हो
दिल की तमन्ना यही, फिर कही मुलाक़ात हो
दिल से दिल फिर मिले, खुशियों की बरसात हो
@tri....

शुक्रवार, 18 सितंबर 2020

मैं और तुम beautiful romantic poem)


कभी तुम तन्हा करती हो
कभी तुम साथ रहती हो
कभी तुम रुठ जाती हो
कभी खुद मान जाती हो
आंखों से इशारे करती हो
बहुत कुछ बोल जाती हो 
सरमा के आहे भरती हो 
दिल जीत जाती हो
आंखे जब बंद करता हु 
तुम सपनो में आ जाती हो,
आईना जब भी देखता हूं 
नज़र तुम ही आती हो,
कभी रात में चाँद की चाँदनी बन 
लोरी तुम सुनाती हो
सुबह सूरज की किरणे बन 
मुझको तुम जगाती हो।
@tri....

सोमवार, 14 सितंबर 2020

जन जन की भाषा हिन्दी



जन जन की भाषा हिन्दी
देश का गौरव गान है।
हिन्द देश हिन्दुस्तान हमारा
हिन्दी हमारी पहचान है।
भारत माँ के माथे की बिंदी
हिन्दी हमारी आन है।
सभी भाषाओं की बहन है हिन्दी
हिन्द वतन की शान है।
हिन्दी से है रोशन कविता
लेखक का अभिमान है।
हिन्दी हमारी मातृभाषा
हिन्दी हमारी जुबान है।
हिन्दी देश की राष्ट्रभाषा
हम सबका स्वाभिमान है।
@tri....

गुरुवार, 10 सितंबर 2020

सपने



कुछ सपने मैंने खरीदे थे 
अपनी नीदों को बेच कर,
न जाने वो कहाँ खो गए
बिस्तर के नीचे देखा
तकिये के अंदर तलाशा
उम्मीदों के गुलक में ढूढा
पूरी अलमारी खंगाल डाली
बहुत ढूढा पर कही नही मिले
नज़र पड़ी खिड़की के बाहर
विश्वास के खंबे पर बैठे
अपने पंखों को सहलाते
मुझे देख मुस्कुरा रहे थे
ऐसा लग रहा था कि 
मानो ऊची उड़ान भरने वाले हो।
@tri....

बुधवार, 2 सितंबर 2020

मन की बात (poem)


हिन्दी के हम भक्त है मन की बात बताते है,
पर अपने खुद के सुपुत्र को कान्वेंट में पढ़ाते है,
स्वदेशी चीज़ों का समर्थन हम सब करते है, 
पर विदेसी सस्ती चीज़ों से अपना घर भी भरते है,
लोकतंत्र तो अब सिर्फ किताबी बाते है ,
आवाज़ उठाने वाले सीधा जेल में जाते है,
देश का विकास तो भाषणों में सोया हुआ है, 
रोजगार न्यूज़ पेपर के पन्नो में खोया हुआ है,
चोरी चकारी घोटालो से लिपटा यह संसार है,
शिक्षा के नाम पे यहाँ चल रहा बाजार है,
एक तरफ यहाँ नारी देवी का अवतार है
दूसरी तरह नारी पर हो रहा अत्याचार है
देश की अर्थव्यवस्था मन की बातो में ही सच्ची है,
भिखारियों की हालत बेरोजगारो से अच्छी है,
राजनीति अब खेल का मैदान बन गयी है,
जनता वोटबैंक की दुकान बन गयी है,
जहाँ जागो वही सबेरा अच्छा सुविचार है
जागो जनता जागो यह मेरा विचार है।
@tri....

रविवार, 30 अगस्त 2020

दिल ज़िद्दी है (poem)



दिल भी कितना ज़िद्दी है
कुछ मानता नही,
अमीरी गरीबी से दूर है
जात धर्म जानता नही,
झरनो सा गिरता है,
नदियों सा बहता है, 
गिरता- संभलता है,
अपनी धुन में चलता है,
दिल है या समुंदर
कोई जानता नही,
दिल भी कितना ज़िद्दी है
कुछ मानता नही।
@tri....

शुक्रवार, 28 अगस्त 2020

ज़िन्दगी (poem)



ज़िन्दगी तुझपे ऐतबार क्यो न करे
ज़िन्दगी तुझसे प्यार क्यो न करे
वक़्त बेवक़्त साथ निभाया है तूने
हर जख्मो पे मलहम लगाया है तूने
खुश होने का राज तू ही तो है ज़िन्दगी
मन उदास हो तो सॉज तू ही तो है ज़िन्दगी
हर सवालों का जवाब भी तो है ज़िन्दगी
खटास है तो मिठास भी तो है ज़िन्दगी
ज्यादा ख्वाहिशें तो नही तुझसे ये ज़िन्दगी 
जो भी दिया वो कम भी नहीं ये ज़िन्दगी
आ बैठ थोड़ा गप्पे लगाते है ज़िन्दगी
तू भी थक गई होगी भागते भागते ज़िन्दगी
@tri....

मंगलवार, 25 अगस्त 2020



उमापुत्र हो रुद्रप्रिय हो
प्रथमेश्वर नमो नमः
नमो नमः नमो नमः 
गणपति बप्पा नमो नमः
लम्बकर्ण हो लम्बोदर हो
मूषकवाहन नमो नमः
नमो नमः नमो नमः 
गणपति बप्पा नमो नमः
ओमकार हो पीताम्बर हो
महागणपति नमो नमः
नमो नमः नमो नमः 
गणपति बप्पा नमो नमः
बुद्धिविधाता बुद्धिप्रिय हो
मयूरेश्वर नमो नमः
नमो नमः नमो नमः 
गणपति बप्पा नमो नमः
विघ्नविनाशक विघ्नेश्वर हो
वरदविनायक नमो नमः
नमो नमः नमो नमः 
गणपति बप्पा नमो नमः
चिंतामणी हो विश्वगुरु हो
मंगलमूर्त्ति नमो नमः
नमो नमः नमो नमः 
गणपति बप्पा नमो नमः
प्रथमपूज्य हो मोदकप्रिय हो
अष्टविनायक नमो नमः
नमो नमः नमो नमः 
गणपति बप्पा नमो नमः
सिद्धिदाता कृपासिंधु हो
सिद्दिविनायक नमो नमः
नमो नमः नमो नमः 
गणपति बप्पा नमो नमः
@tri....

शुक्रवार, 21 अगस्त 2020

गणपति बप्पा प्यारे प्यारे(poem)



शिवजी के है राज दुलारे
माँ गौरी की आंखों के तारे,
देवों में प्रथम देव हमारे
गणपति बप्पा प्यारे प्यारे,
मूसक है इनकी सवारी
माता पिता के बड़े आज्ञाकारी,
रिद्धि सिद्धि के है ये दाता
हम सबके है भाग्य विधाता,
मोदक इनको खूब है भाता
कृपा सिंधु ये बुद्धि विधाता,
जहाँ कदम इनका पड़ जाता
शुभ और लाभ से घर भर जाता,
इनके चरणों मे जो भी आता
मनवांछित फल है वो पाता।
@tri....

मंगलवार, 18 अगस्त 2020

आँखे (The words of heart)


आँखे है या आईना
सच की परछाई सी
रंग बिरंगी तितली सी
कड़कड़ाती बिजली सी
चाँद की चाँदनी सी
गहराई सागर सी
जलती हुई कोई ज्वाला सी
प्यार की बारिश सी
शब्दो की खामोसी सी
किसी प्यासे की फरियाद सी
यादों की हमसफर सी
लब्जो की किताब सी
प्यार में डूबी स्याही सी
मन को शीतल करती 
चंदन की खुश्बू सी
नशे में डूबी ....
आँखें है या मधुशाला।
@tri....

शुक्रवार, 14 अगस्त 2020

मेरा भारत,मेरी जान,मेरा हिन्दुस्तान



चंदन है भारत की माटी 
परमेश्वर का धाम है,
जहाँ सबेरा शंख बजाता
लोरी गाती हर शाम है,
उत्तर में रखवाली करता
हिमालय जिसका नाम है,
कई भाषाओं से सजी ये धरती
महापुरषो का गांव है,
नदियों में जननी है सबकी
माँ गंगा को प्रणाम है,
आदर्शो का पाठ पढ़ाती
गीता,बाइबल,कुरान है,
जात पात धर्म अनेक यहाँ पर
माँ सबकी पर एक है,
त्योहारों का अमर देश यह
अनेकता में एकता का संदेश है,
तीन रंगों से रंगा तिरंगा
हम सब की पहचान है,
हर हिंदुस्तानी के दिल की धड़कन
मातृभूमि की यह शान है,
नमन है भारत माँ तुम को
हर कण में जयगान है,
मेरा भारत मेरी जान
मेरा हिन्दुस्तान है।
@tri....

मंगलवार, 11 अगस्त 2020

कृष्ण सुदामा हरि हरि (poem)




इतिहास के पन्नो में दोस्ती की अमर कहानी है,
जैसे शीतल निर्मल और पवित्र गंगा का पानी है,
वस्त्र पुराने,नंगे पांव,नाम सुदामा कृष्णमित्र कहलाते है,
भूल कर हर पीड़ा गिरधर से मिलने द्वारिका पहुच जाते है,
सुदामा नाम सुन द्वारकाधीश नंगे पाँव ही दौड़े चले आते है,
मित्र सुदामा को देख बिना सकुचाये गले लग जाते है,
आदर सत्कार कर सुदामा को राजगद्दी पर बिठाते है,
खून से सने सुदामा के पैरों को देख अश्रु छलक जाते है,
मित्र भक्ति में लीन प्रभु सुदामा के पैर धुंवे जाते है,
मित्र स्नेह की ताकत देखो कृष्ण सुदामा बन जाते है,
छोड़कर सारे भेदभाव ,मित्र की नज़र में एक हो जाते है,
मित्र सुदामा जैसा हो तो स्वयं भगवान मित्र बन आते है,
मित्र कृष्ण जैसा हो तो निर्धन मित्र धनवान हो जाते है।
@tri....