रविवार, 30 अगस्त 2020
शुक्रवार, 28 अगस्त 2020
ज़िन्दगी (poem)
ज़िन्दगी तुझपे ऐतबार क्यो न करे
ज़िन्दगी तुझसे प्यार क्यो न करे
वक़्त बेवक़्त साथ निभाया है तूने
हर जख्मो पे मलहम लगाया है तूने
खुश होने का राज तू ही तो है ज़िन्दगी
मन उदास हो तो सॉज तू ही तो है ज़िन्दगी
हर सवालों का जवाब भी तो है ज़िन्दगी
खटास है तो मिठास भी तो है ज़िन्दगी
ज्यादा ख्वाहिशें तो नही तुझसे ये ज़िन्दगी
जो भी दिया वो कम भी नहीं ये ज़िन्दगी
आ बैठ थोड़ा गप्पे लगाते है ज़िन्दगी
तू भी थक गई होगी भागते भागते ज़िन्दगी
@tri....
मंगलवार, 25 अगस्त 2020
उमापुत्र हो रुद्रप्रिय हो
प्रथमेश्वर नमो नमः
नमो नमः नमो नमः
गणपति बप्पा नमो नमः
लम्बकर्ण हो लम्बोदर हो
मूषकवाहन नमो नमः
नमो नमः नमो नमः
गणपति बप्पा नमो नमः
ओमकार हो पीताम्बर हो
महागणपति नमो नमः
नमो नमः नमो नमः
गणपति बप्पा नमो नमः
बुद्धिविधाता बुद्धिप्रिय हो
मयूरेश्वर नमो नमः
नमो नमः नमो नमः
गणपति बप्पा नमो नमः
विघ्नविनाशक विघ्नेश्वर हो
वरदविनायक नमो नमः
नमो नमः नमो नमः
गणपति बप्पा नमो नमः
चिंतामणी हो विश्वगुरु हो
मंगलमूर्त्ति नमो नमः
नमो नमः नमो नमः
गणपति बप्पा नमो नमः
प्रथमपूज्य हो मोदकप्रिय हो
अष्टविनायक नमो नमः
नमो नमः नमो नमः
गणपति बप्पा नमो नमः
सिद्धिदाता कृपासिंधु हो
सिद्दिविनायक नमो नमः
नमो नमः नमो नमः
गणपति बप्पा नमो नमः
@tri....
शुक्रवार, 21 अगस्त 2020
गणपति बप्पा प्यारे प्यारे(poem)
शिवजी के है राज दुलारे
माँ गौरी की आंखों के तारे,
देवों में प्रथम देव हमारे
गणपति बप्पा प्यारे प्यारे,
मूसक है इनकी सवारी
माता पिता के बड़े आज्ञाकारी,
रिद्धि सिद्धि के है ये दाता
हम सबके है भाग्य विधाता,
मोदक इनको खूब है भाता
कृपा सिंधु ये बुद्धि विधाता,
जहाँ कदम इनका पड़ जाता
शुभ और लाभ से घर भर जाता,
इनके चरणों मे जो भी आता
मनवांछित फल है वो पाता।
@tri....
मंगलवार, 18 अगस्त 2020
आँखे (The words of heart)
आँखे है या आईना
सच की परछाई सी
रंग बिरंगी तितली सी
कड़कड़ाती बिजली सी
चाँद की चाँदनी सी
गहराई सागर सी
जलती हुई कोई ज्वाला सी
प्यार की बारिश सी
शब्दो की खामोसी सी
किसी प्यासे की फरियाद सी
यादों की हमसफर सी
लब्जो की किताब सी
प्यार में डूबी स्याही सी
मन को शीतल करती
चंदन की खुश्बू सी
नशे में डूबी ....
आँखें है या मधुशाला।
@tri....
शुक्रवार, 14 अगस्त 2020
मेरा भारत,मेरी जान,मेरा हिन्दुस्तान
चंदन है भारत की माटी
परमेश्वर का धाम है,
जहाँ सबेरा शंख बजाता
लोरी गाती हर शाम है,
उत्तर में रखवाली करता
हिमालय जिसका नाम है,
कई भाषाओं से सजी ये धरती
महापुरषो का गांव है,
नदियों में जननी है सबकी
माँ गंगा को प्रणाम है,
आदर्शो का पाठ पढ़ाती
गीता,बाइबल,कुरान है,
जात पात धर्म अनेक यहाँ पर
माँ सबकी पर एक है,
त्योहारों का अमर देश यह
अनेकता में एकता का संदेश है,
तीन रंगों से रंगा तिरंगा
हम सब की पहचान है,
हर हिंदुस्तानी के दिल की धड़कन
मातृभूमि की यह शान है,
नमन है भारत माँ तुम को
हर कण में जयगान है,
मेरा भारत मेरी जान
मेरा हिन्दुस्तान है।
@tri....
मंगलवार, 11 अगस्त 2020
कृष्ण सुदामा हरि हरि (poem)
इतिहास के पन्नो में दोस्ती की अमर कहानी है,
जैसे शीतल निर्मल और पवित्र गंगा का पानी है,
वस्त्र पुराने,नंगे पांव,नाम सुदामा कृष्णमित्र कहलाते है,
भूल कर हर पीड़ा गिरधर से मिलने द्वारिका पहुच जाते है,
सुदामा नाम सुन द्वारकाधीश नंगे पाँव ही दौड़े चले आते है,
मित्र सुदामा को देख बिना सकुचाये गले लग जाते है,
आदर सत्कार कर सुदामा को राजगद्दी पर बिठाते है,
खून से सने सुदामा के पैरों को देख अश्रु छलक जाते है,
मित्र भक्ति में लीन प्रभु सुदामा के पैर धुंवे जाते है,
मित्र स्नेह की ताकत देखो कृष्ण सुदामा बन जाते है,
छोड़कर सारे भेदभाव ,मित्र की नज़र में एक हो जाते है,
मित्र सुदामा जैसा हो तो स्वयं भगवान मित्र बन आते है,
मित्र कृष्ण जैसा हो तो निर्धन मित्र धनवान हो जाते है।
@tri....
मंगलवार, 4 अगस्त 2020
शनिवार, 1 अगस्त 2020
दोस्तो की खट्टी मीठी यादे (poem)
कुछ खट्टी-मीठी और प्यारी-प्यारी बाते,
कुछ अधूरी सी अनकही फरियादें,
यादों में आंखे नम है और हो रही बरसातें,
बरसातों में कुछ कमीने दोस्तो की यादे,
यादों में ख्वाब और सपनों से सजी राते,
रातो में भी हम करते थे दोस्तो से बाते,
बातो-बातो में एक दूसरे की व्हाट लगाते,
सुबह होते ही फिर से दोस्त बन जाते,
लेक्चर में दुसरो की टिफ़िन हम खाते,
पकड़े जाने पर दोस्तो का नाम बताते,
चन्दा जमा कर बर्थडे पार्टी हम मनाते,
Exams में एक दूसरे का सहारा बन जाते
दोस्तो से कोई बात हम कभी नही छुपाते,
वक़्त पर दोस्तो के लिए जान पे खेल जाते,
गलतियां करते और खुद को हम बचाते,
सच सामने आये तो दोस्त को बकरा बनाते,
फिर एक दूसरे को मनाते और यकीन दिलाते,
इन्ही खट्टी मीठी यादों से आंखों में होती है बरसाते,
यही सोचते है की काश वो दोस्त फिर मिल जाते।
@tri....
गुरुवार, 30 जुलाई 2020
सत्यम,शिवम,सुंदरम (poem)
क्यो दे रहा आवाज़,मैं तो तेरे पास हु,
मैं तेरे भीतर, तेरे दिल की आवाज़ हु,
में बारिश हु,में ही समुंदर हु,
मैं तूफान हु, में ही बवंडर हु
मैं तेरी उम्मीद हु, मैं ही तेरा विश्वास हु,
मैं तेरा डर हु, मैं तेरी हिम्मत भी हु
मैं तेरी उदासी हु,मैं ही तेरे चेहरे की मुस्कान हु,
मैं तेरा कल हु,मैं ही तेरे आज की पहचान हु,
मैं समस्या भी हु, मैं ही तेरा समाधान हु,
मैं रिश्ते की कड़वाहट हु ,मैं ही रिश्ते की मिठास हु,
मैं दया हु,मैं ही धर्म हु,
मैं दुवा हु, मैं ही आशीर्वाद हु,
मैं जन्म हु, मैं ही मृत्यु हु,
मैं ही अनादि हु,मैं ही अनंत हु,
मैं और कोई नही मैं ही सत्यम हु,
मैं ही शिवम, मैं ही सुंदरम हु।
@tri....
मंगलवार, 28 जुलाई 2020
एक लड़की थी...(poem)
एक लड़की थी कुछ ऐसी
बागों में सुंदर फूलो के जैसी,
मासूम सा चेहरा था उसका
प्यारी सी मुस्कान थी उसकी,
सादगी की सुंदर मूरत थी
वो लड़की बहुत खूबसूरत थी,
आँखें झील और रंगत गुलाबी थी
पापा की प्यारी माँ की दुलारी थी,
किसी से न डरने वाली
हर मुश्किलों से लड़ने वाली
दोस्तो की जान माँ बाप की शान थी,
वक़्त ने करवट बदला
बाग के इस खूबसूरत फूल को
किसी की नज़र लग गयी,
देख न सकी वह विश्वास से
लिपटी प्यार के खंजर
शायद ईश्वर देने वाला था
उसे संघर्षों का मंजर,
मुस्कुराने वाली लड़की
प्यार में धोखा खायी लड़की
खामोश रहने लगी,
न कोई आस, न कोई पास
हर पल रहने लगी वह उदास,
बिंदास सी लड़की बदल सी गयी
चुटकी में उलझने सुलझाने वाली
दुसरो को मुस्कान देनी वाली
खुद मुस्कुराना भूल गयी,
शुरू में वह धोखे को धोखा
दर्द को दर्द मानने से इनकार करती ,
न शीशा देखती है, ना सपने
पर जल्द ही खुद को संभाला उसने,
पीछा छुड़ाया आंखों की नीर से
भरने को ठाना घाव ,
जो मिले थे धोखे की तीर से,
ठोकर खाई वह जल्द ही संभल गयी
रुख हवाओ का मोड़
वह सपनो की तरफ बढ़ गयी,
जीवन के महत्व को
वह जल्द ही समझ गयी ,
नए संकल्प के साथ
खुद की भूल सुधार वह आगे बढ़ गयी
भविष्य की सोच के साथ,
अतीत का अन्तिमसस्कार कर गयी।
एक लड़की जो कभी कमजोर थी
अब दुर्गा से काली बन गयी।
@tri....
शनिवार, 25 जुलाई 2020
संघर्ष (poem)
संघर्ष किसी का अपना नही होता
पर हर संघर्ष अपना सा लगता है
संघर्ष का कोई नाम नही होता
पर हर सफल असफल नाम संघर्ष सा लगता है
जीवन में महत्वपूर्ण बात सिर्फ जीत नही होती
जीत के पीछे एक अविराम संघर्ष होता है
इनाम वक़्त बेवक़्त तो मिलते रहते है
पर बिना संघर्ष इनाम महान नही होता है
बरसात से मुलाकात धरती की युही नही होती
उसके लिए धरती को धूप में जलना होता है
शोहरत के शिखर पर चढ़ने के लिए
हर किसी को संघर्ष करना होता है
@tri....
सोमवार, 20 जुलाई 2020
खत का भी एक जमाना था।(poem)
स्टाइल थोड़ा पुराना था पर
खत का भी एक जमाना था
यादों की किताब थी
प्यार का खजाना था
प्यार आंखों से सुरु होता
और खत में दिख जाता था
इजहारे मोहब्बत खत से होकर
दिल तक पहुच जाता था
तन्हाई में दोस्त की जरूरत
खत से पूरी हो जाती थी
कभी कोई अपना रूठता
तो खत से मान जाता था
दिल का हाल ...
खत से जान जाता था
खत सिर्फ कागज़ का पन्ना नही था
जज्बातों से सजी दुनिया थी
समय बदला स्टाइल भी बदला
अब sms का जमाना है
चंद शब्दो में सिमटा सा
ज़िन्दगी का यही फसाना है।
@tri....
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